कपिलवस्तु । महाराजगन्ज नगरपालिकामे दुई कार्यकाल स्थानीय सरकार चलिगइल, लेकिन नगर प्रमुख अब्दुल कलाम रोज हिँडेवाला नगरपालिकाके बाटोके हालत अबहियो बेहाल बा।

बरसात होतहि नगरपालिकाके कार्यालय जाएवाला बाटोमे जगह-जगह खाल्डाखुल्डी, हिलो आ पानी जमल देखाई देत बा। कतहूँ सडक भासिगइल बा त कतहूँ ग्राभेल उखडिगइल बा। पानी जमला से सडक बा कि पोखरी, छुट्यावे मुश्किल होत बा।

खरेन्द्रपुर–महाराजगन्ज सडकखण्डसे नगरपालिका कार्यालय जाएवाला बाटोके अवस्था खराब रहला से सेवाग्राही आ स्थानीयवासीके सास्ती भोगेके परत बा। खास करके मोटरसाइकल आ स्कुटर चलावेवाला लोग पानीमे डुबाइल खाल्डा नदेखला से दुर्घटनाके जोखिममे परत बा।

शिवराज नगरपालिकाके सीमा पार करतहि सुरु होएवाला खाल्डाखुल्डी महाराजगन्जसम्म देखाई देत बा। बरसातमे पानी निकासके उचित व्यवस्था नहुइला से समस्या झन् बढ़िगइल बा।

सडकके साथे नगरके विभिन्न जगहपर फोहोरके थुप्रो सेहो देखेके मिलत बा। नगरपालिका कार्यालय आसपासो फोहोर जमल देखाइला से सरसफाइ व्यवस्थापनमाथि सवाल उठत बा। फोहोरके उचित व्यवस्थापन नहुइला से दुर्गन्ध आ प्रदूषणके समस्या सेहो बढ़त बा।

स्थानीयवासीके सवाल बा—दुई कार्यकाल बितिगइल, नगर प्रमुख खुद रोज जे बाटोसे नगरपालिका जाएल करेलन, उहे बाटो अबहियो ठीक नहुइल त नगरके दूरदराजके बस्तीके सडक कहिया बनिहे?

स्थानीय रामदुलारे यादव कहेलन, “नगर प्रमुख आ कर्मचारी रोज यही बाटोसे कार्यालय आवत-जावत करेलन। उ लोगनके नजरमे रोज परेवाला सडकके हालत अइसन बा त आम जनता केतना सास्ती भोगत होई?”

बरसातके समय पानी निकासके व्यवस्था कमजोर रहला से सडकमे पानी जमेला आ सडक अउर बिगड़त जात बा। नियमित मर्मतसम्भार नहुइला से सामान्य बरसातमे भी सडकके अवस्था खराब होत जात बा।

स्थानीयवासी कहेलन कि स्थानीय सरकारके कामके मूल्यांकन खाली भाषण आ कागजी योजनासे न होके नागरिक रोजमर्रा जिन्दगीमे प्रयोग करेवाला सडक, सरसफाइ, खानेपानी आ सार्वजनिक सेवाके अवस्थासे होखेला।

अब महाराजगन्जवासीके सवाल साफ बा—दुई कार्यकाल बितिगइला के बादो नगर प्रमुख खुद हिँडेवाला बाटो कहिया बनिहे आ नगरवासी कहिया व्यवस्थित सडक आ सफा नगरके अनुभूति करिहें?